उत्तम प्रदेश की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश
देश में सर्वाधिक आबादी वाला राज्य अब आर्थिक स्तर पर भी नित् नये कीर्तिमान स्थापित कर रहा है, इस बात का संकेत उत्तर प्रदेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में देखने को मिलता है । आर्थिक विकास की रफ़्तार और जीडीपी में तेज बढ़ोत्तरी इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब उत्तम प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है । कुछ वर्ष पहले तक जिस प्रदेश की बीमारू राज्य के रूप में गिनती होती थी, और ऐसा कहा जाता था कि यह राज्य रोजगार देने के मामले में कई राज्यों से पीछे है । कभी नौकरी की तलाश में मुंबई-दिल्ली जैसे शहरों की ओर पलायन करने वाले युवा अब अपने गाँव-शहर में ही उद्यम स्थापित कर स्वरोजगार की नई पटकथा लिख रहे हैं विगत एक दशक में इस राज्य का कायाकल्प हो चुका है तो इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कुशल नेतृत्व एवं राज्य के युवा शक्ति में उनका निवेश नजर आता है । प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने अनेक योजनाओं को शुरू किया है जिसके केंद्र में युवा वर्ग है । मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना हो अथवा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान, युवाओं को स्वावलंबी बनाने के साथ ही उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं । मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के अंतर्गत कोई भी शिक्षित युवक स्वरोजगार के लिए 25 लाख तक की धनराशि रियायती ब्याज दर के साथ प्राप्त कर सकता है । 2018 में शुरू की गई इस योजना का मूल उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित करना है जिससे उनको उद्यमशीलता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके । इस योजना से हजारों युवा जुड़ चुके हैं, एवं अपना उद्यम शुरू करके कई अन्य को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं । सरकार ने इस योजना को उच्च शिक्षा से मुक्त रखा है और कोई भी हाई स्कूल उत्तीर्ण युवक इस योजना का लाभ ले सकता है । यह योजना ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से पिछड़े युवकों को तेजी से आकर्षित कर रही है, एवं अपेक्षाकृत कम पढ़े-लिखे ग्रामीण युवा भी छोटे-मोटे उद्यम के लिए इस योजना से जुड़ रहे हैं जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार हो रहा है । आने वाले समय में यह योजना उत्तर प्रदेश के युवाओं के स्वावलंबन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी ।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान भी युवा स्वावलंबन की दिशा में सकारात्मक परिणाम दे रहा है । मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के माध्यम से कोई भी युवा नया उद्यम शुरू करने के लिए पोर्टल के माध्यम से आवेदन करके 5 लाख तक की राशि प्राप्त कर सकता है, 3 साल के लिए यह धनराशि ब्याजरहित है । मात्र आठवीं पास कोई भी युवा इस अभियान से जुड़कर कोई भी छोटा उद्यम शुरू कर सकता है । सरकार इस अभियान के माध्यम से कौशल आधारित उन उद्यमों को प्रोत्साहित करने का कार्य कर रही है जो प्रोत्साहन न मिलने की वजह से या तो हाशिये पर हैं या फिर दम तोड़ चुकी हैं । सरकार का मानना है कि प्रदेश के युवाओं में कौशल की कमी नहीं है, यदि उन्हें उचित सहयोग और प्रोत्साहन दिया जाय तो इससे न सिर्फ कौशल आधारित उद्यमों को नया जीवन मिलेगा अपितु प्रदेश में बेरोजगारी की समस्या भी कम होगी । युवाओं को कौशल आधारित शिक्षण-प्रशिक्षण की प्रक्रिया से जोड़ने के लिए सरकार द्वारा संचालित कौशल विकास मिशन युवाओं को कौशल में निपुण बना रहा है जिससे वे बड़े शहरों की कंपनियों में नौकरी की जगह अपना उद्यम शुरू कर रहे हैं । सरकार ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान को गारंटी के जकड़न से मुक्त रखा है जिसकी वजह से अनेकों युवा ऐसे अभियानों से जुड़ने से वंचित रह जाते हैं । सरकार ने इस अभियान के माध्यम से प्रतिवर्ष 1 लाख युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा है । इस अभियान से ग्रामीण अंचल में कम पढ़े-लिखे युवा अपना रोजगार खड़ा कर सकते हैं जिससे न सिर्फ उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा अपितु उनके परिवार एवं फलस्वरूप प्रदेश की आर्थिक स्थिति भी सुधरेगी । सरकार द्वारा एमएसएमई सेक्टर को दिया जा रहा प्रोत्साहन रोजगार सृजन में सहायक सिद्ध हो रहा है जिससे शहरी क्षेत्र में संचालित छोटे उद्यमों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के अत्यंत छोटे उद्यम आकार ले रहे हैं, एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था निरंतर मजबूत हो रही है । 96 लाख से अधिक एमएसएमई प्रदेश की अर्थव्यवस्था को स्वावलंबन की दिशा में ले जा रही हैं जिसका सर्वाधिक लाभ प्रदेश के युवाओं को मिल रहा है ।
सेंटर फॉर मोनिटरिंग इंडियन इकॉनमी की एक रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी 3.9 फीसदी है जबकि राष्ट्रीय औसत 7.7 फीसदी है । एक दशक पहले उत्तर प्रदेश में बेरोजगारी 17.5 फीसदी थी । इन आकड़ों से स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश बहुत तेजी से बेरोजगारी के चक्रव्यूह से निकल रहा है । निश्चित रूप से इस बेरोजगारी के चक्रव्यूह को तोड़ने का श्रेय प्रदेश के मुखिया को ही जाता है जो युवाओं को रोजगार प्रदान करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत दिखलाई देते हैं । उनके द्वारा रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने वाली योजनाएं इस बात की पुष्टि भी करती हैं । स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहित करके सरकार ने महिला उद्यमियों के हाथ को भी मजबूत किया है जो ग्रामीण अंचलों में आर्थिक स्वावलंबन की नई परिभाषा गढ़ रही हैं । सरकारी आंकडें के अनुसार प्रदेश में 1 करोड़ 6 लाख से अधिक महिलाएं 9.43 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, जो अपनी और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारने का कार्य कर रही हैं । राज्य में महिला श्रम भागीदारी एक दशक से कम समय में ही 14 प्रतिशत से 36 प्रतिशत के आंकडें को पार कर चुका है जो इस बात की पुष्टि करता है कि राज्य में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन की स्थिति सकारात्मक है ।
उपरोक्त आंकडें दर्शाते हैं कि पिछला एक दशक उत्तर प्रदेश के स्वावलंबन की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है । इस दौरान प्रदेश की वित्तीय स्थिति में सुधार के साथ ही रोजगार की स्थिति में भी सुधार देखने को मिला है । यह सुधार प्रदेश की बहुआयामी विकास प्रक्रिया को गति प्रदान कर रहा है जिसके केंद्र में प्रदेश का युवा नजर आता है । हम जानते हैं कि विकास एक बहुआयामी प्रक्रिया है जिसमें आर्थिक प्रगति एक महत्वपूर्ण घटक है । जब आर्थिक प्रगति रुपी घटक युवाओं को स्वावलंबी बनाने में सहायक होता है, नये रोजगार सृजित करने का कारक बनता है, महिलाओं की श्रम भागीदारी को प्रोत्साहित करता है, छोटे उद्यमों को आकार प्रदान करता है; तो निश्चित रूप से इससे सिर्फ आर्थिक सेहत नहीं सुधरती है अपितु यह सामाजिक बदलाव का मार्ग भी प्रशस्त करता है । ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा युवा स्वावलंबन की दिशा में किये जा रहे प्रयास युवाओं को रोजगार के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ ही उद्यमों को मजबूती प्रदान कर रहा है । प्रदेश में छोटी औद्योगिक इकाईयों के माध्यम से नित् नये रोजगार सृजित हो रहे हैं जिससे युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं । रोजगार के अवसर में बढ़ोत्तरी, छोटे उद्यमों की स्थापना, एवं कौशल आधारित योजनाओं के लिए अनुकूल वातावरण; प्रदेश की आर्थिक संरचना में बदलाव कर रहा है । देखा जाय तो प्रदेश के स्वावलंबी युवा सर्वाधिक आबादी वाले इस राज्य को एक संपन्न एवं समृद्ध राज्य बनाने में अपना योगदान देते हुए नजर आते हैं, ऐसे में महत्वपूर्ण हो जाता है कि प्रदेश सरकार युवाशक्ति के रूप में देश में उपलब्ध सर्वाधिक मानव संसाधन को अत्यधिक रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ ही उन्हें प्रेरित एवं प्रोत्साहित करे जिससे आने वाले समय में उत्तर प्रदेश देश का सर्वाधिक समृद्ध राज्य बन सके ।
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