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नेताजी की शौर्य गाथा से प्रेरणा लेने की आवश्यकता

भारतीय दिलों में नेताजी सुभाषचंद्र बोस का नाम सदा के लिए अमर है | उनकी शौर्य गाथा न सिर्फ युवाओं को प्रेरित करने का कार्य करती है अपितु उन्हें राष्ट्रबोध के भाव से भर देती है | नेताजी ने आजाद हिन्द फ़ौज का गठन करके भारतीय स्वतंत्रता आन्दोलन को दिशा प्रदान करने के साथ ही वैश्विक मंच पर इसके लिए सकारात्मक माहौल तैयार किया जिससे स्वतंत्र भारत का सपना साकार हो सका | नेताजी सुभाषचंद्र बोस अखण्ड एवं अविभाजित भारत के पहले प्रधानमंत्री थे | आजाद हिन्द सरकार के मुखिया के रूप में उन्होंने एक ऐसी सरकार के अस्तित्व को मूर्तरूप दिया जिसके पास अल्प संसाधनों के बावजूद सरकार के पास सभी आवश्यक तंत्र थे, साथ ही इसे कई देशों का समर्थन प्राप्त था | आज़ाद हिन्द सरकार कोई प्रतिकात्मक सरकार नहीं थी, यह नेताजी द्वारा रखी भारतीय आजादी की वह बुनियाद थी जिसके सामने अंग्रेजी हुकूमत को नतमस्तक होना पड़ा | वास्तव में नेताजी ने देश को आजाद कराने के लिए हर वो कार्य किया जिसकी आवश्यकता तत्कालीन भारत को थी | वे न तो अंग्रेजों की बोली से घबड़ाये और न ही अंग्रेजों द्वारा चलाई गोली ही उनका मार्ग अवरुद्ध कर सकी | न तो ब्रिटिश...

राम के आचरण से सीखने का समय

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  आज जब हमारा समाज कुंठा, द्वेष, और संत्राश के जकड़न में उलझकर अपने मूल स्वरूप को खण्डित करने के लिए आतुर दिखता है, राम की दी हुई शिक्षा हमें एक आदर्श समाज के निर्माण की राह दिखाती है | खण्डित होते हमारे मूल्य न सिर्फ पारिवारिक मूल्यों को तोड़ रहे हैं अपितु सामाजिक संरचना भी निरन्तर कमजोर होती जा रही है | वर्तमान की अनेक सामाजिक समस्या की जटिलताओं के गर्भ में दया-विरक्त हमारा हृदय ही है जिससे हम दूसरों की पीड़ा को महसूस नहीं कर पाते हैं, ऐसे में राम के दिखाये मार्ग पर चलकर हम अनेक प्रकार की चुनौतियों से बच सकते हैं | राम की शिक्षा हमें न सिर्फ सामाजिक जकड़न का शिकार होने से बचाती है अपितु हमें अपने कर्तव्यों के क्रियान्वयन में ज्ञान-ऊर्जा भी प्रदान करती है | वर्तमान सन्दर्भ में राम का जीवन दर्शन न सिर्फ प्रासंगिक है अपितु भारतीय समाज को जोड़ने में भी सहायक हो सकता है | राम प्रेम के उस सागर का नाम है जिसमें सामाजिक समरसता का अमृत मिला हुआ है | रामत्व भारतीय संस्कृति के लिए अत्यन्त ही आवश्यक है जिससे हम अपनी संस्कृति को पोषित कर अपनी सामाजिक मान्यताओं को खण्डित होने से बचा सकते हैं | राम ...

राम मंदिर से बदलेगा आर्थिक परिदृश्य

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  आगामी २२ जनवरी को अयोध्या में संयम, मर्यादा, संस्कार, धैर्य, एवं शिष्टता के प्रतिमूर्ति हिन्दुओं के आराध्य प्रभु श्री राम के भव्य मन्दिर का प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है | वर्षों की   प्रतीक्षा के बाद भगवान राम के इस मंदिर को पाकर हिंदू समाज निहाल है तो वहीं अन्य धर्म के लोगों के लिए भी यह मंदिर सौगात से कम नहीं है | राम मंदिर का निर्माण हिंदू समाज को आध्यात्मिक एवं भावनात्मक सुख की अनुभूति करा रहा है तो वहीं वर्षों से उपेक्षित अयोध्या नगरी के कायाकल्प का आधार भी बना है | अयोध्या के आस-पास के सभी जिलों को इससे फायदा मिलने की उम्मीद भी है | दयनीय स्थिति में पहुँच चुका अयोध्या का रेलवे स्टेशन अपने आधुनिक रूप को प्राप्त कर चुका है तो वहीं हवाई अड्डे के निर्माण ने इस जगह को भविष्य के बड़े आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र में स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त किया है | जर्जर हाल में पहुँच चुकी सड़कें न सिर्फ पुनर्निर्मित हुई हैं अपितु इन्हें यात्रानुकुल सभी सुविधाओं से परिपूर्ण भी किया जा रहा है जिससे उत्तर प्रदेश के अन्य सभी धार्मिक स्थलों से अयोध्या तक की सुगम यात्रा सम्...

दक्षिण भारत के तरफ बढ़े भाजपा के कदम

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  आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारी शुरू कर दिया है जबकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस अभी भी अपने सहयोगी क्षेत्रीय दलों के सियासी उठापटक में उलझी हुई है | उत्तर भारत में मजबूत स्थिति में दिख रही भाजपा इस बार दक्षिण भारत में सियासी बढ़त बनाना चाहती है जिससे वह लोकसभा में एक ऐतिहासिक लक्ष्य को प्राप्त कर सके | हाल ही में सम्पन्न तेलंगाना के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहली बार ८ सीटों पर जीत हासिल कर यह संकेत दे दिया है कि आने वाले चुनाव में वह दक्षिण के इस राज्य में अच्छा प्रदर्शन करने जा रही है | कर्नाटक में पहले से ही भाजपा का प्रदर्शन ठीक रहा है जिसे वह और बेहतर करना चाहेगी जबकि आंध्रप्रदेश में भाजपा को सहयोगी दलों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी | प्रमुख दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु भाजपा के एजेंडे में सबसे ऊपर दिखाई दे रहा है जहाँ यह राष्ट्रीय दल अन्नाद्रमुक से रिश्ता तोड़कर आगे बढ़ चला है एवं अपने अभियान की कमान अन्नामलाई जैसे पिछड़ी जाति के नेता के हाथों में सौंप रखा है | पिछड़े समूह से आने वाले अन्नामलाई अपनी जाति के वोटरों में अच्छी पकड़ रखते हैं, साथ ...

वर्तमान सेवा शर्तों से प्रभावित होती शैक्षणिक गुणवत्ता

विगत दिनों बिहार में उच्च शिक्षा विभाग ने एक आदेश जारी कर महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में कार्यरत शिक्षकों को प्रतिदिन कम से कम 5 कक्षाएं लेना अनिवार्य कर दिया, साथ ही यह स्पष्ट कर दिया कि जो भी शिक्षक इस आदेश का पालन नहीं करेंगे उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जायेगी | कुलसचिव एवं प्राचार्य को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी शिक्षक अनिवार्य रूप से प्रति कार्यदिवस न्यूनतम 5 कक्षा लेंगे, साथ ही इस बाबत उन्हें नियमित रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी | एक तरफ सरकार शिक्षा सुधार की दिशा में लगातार प्रयास कर रही है और राज्य में बेपटरी शिक्षा व्यवस्था को पटरी पर लाने की पुरजोर कोशिश कर रही है, तो वहीं यह आदेश शिक्षकों की मनोदशा पर प्रतिकूल असर डाल सकता है | हाल ही में राज्य को लगभग 1 लाख नये शिक्षक मिले हैं एवं जल्द ही 1 लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती की जानी है | ऐसे में राज्य में शिक्षा व्यवस्था के कायाकल्प की दिशा में सकारात्मक संकेत से सामाजिक एवं आर्थिक परिवेश पर असर पड़ना लाजिमी है, परन्तु आदेशित शैक्षिक कार्यभार से शैक्षणिक गुणवत्ता प्रभावित होने का जोख़िम अत्यधिक है |  स्वतंत्रता क...

एक है जो...

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नफरतों के दौर में प्यार बाँट रहा, शुष्क मौसम में बहार बाँट रहा | कट गये हैं जड़ों से हजारों तरुण, ऐसे वर्धमानों में संस्कार बाँट रहा || बढ़ रही है पीड़ा, कुंठा और संत्रास, अपनों से दूरी का कड़वा एहसास | दब रही है हँसी दुखों के पहाड़ से, मुस्कुराहट की हल्की फुंहार बाँट रहा || बंज़र हो रही है जो उपजाऊ धरा, हरेक आँगन है आज सूना पड़ा | देहरी को तकती हैं पथराई आँखें, ऐसी दीदाओं को संसार बाँट रहा || पाया है कुछ तो खोया बहुत है, अपनों को खोकर रोया बहुत है | पपीहा सा प्यासा मुसाफिर कोई, हर प्यासे को जल-धार बाँट रहा ||  

एक एहसास

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दिल की बात, जुबां पर आती कहाँ है   | कुछ बातों को आँखें, बोल पाती कहाँ है || छुपा रखा है उसने, सीने में एक चिंगारी | वर्षों से लगी आग वो, बुझाती कहाँ है   || यूँ तो कर जाती है, जहां की बातें मुझसे | दिल पर बीती हुई, वो बताती कहाँ है   || बिखेर लेती है लवों पे, यादों के मोती   | सामने होने पर, वो मुस्कुराती कहाँ है   || बिछाकर अनगिनत ख़ुशी, राहों में मेरे | हक अपना कभी,   वो जताती कहाँ है   || रौशन रहे दुनिया, हमदम के प्यार की     | अपने लिए वो दीप,  जलाती कहाँ है    ||